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Monday, February 2, 2009

INDIA

दोस्तोद हम हिन्दी वासी है और हिन्दीअ को दुनिया की सबसे ज्या दा बोले जानी वाली भाषा हैा और अब भारत युवाओं का देश होने वाला है क्योहकि युवाओं की संख्याब दुससे देशों की अपेक्षा भारत में सबसे ज्या दा है ा और युवा अर्थात बल – बुदिध्‍ एवं ज्ञान दोस्तोद जहा यह तीनों मिल जाए वहा क्याब नहीं हो सकता अब अग्रेजी भाषा को ही ले लिजिए जैसे हम अग्रेंजी लिखने के बाद भी पडते हिन्दी ही है जैसे हमने अग्रेंजी में लिखा Mera Bharat Mahan और हिन्दीज में मेरा भारत महान अर्थात अग्रेजी लिखने के बाद भी हिन्दीM को हमने नहीं छोडा यदि कोई विदेशी हिन्दीी में लिखने के बाद भी अग्रेंजी में पढ सकता है तो मुझे बताए जैसा कि मैनें आपको बताया कि अग्रेजी लिखने के बाद भी हम उसे हिन्दी में ही पढते है इस प्रकार mera naam pradeep hai, mai indore me rahata hoo. हमने लिखा तो अग्रेजी में पर पढ हिन्दी में रहे है हम तो समझ गए कि यह क्याe लिखा है परन्तुम यदि कोइ अग्रेज यह पढेगा तो उसे समझ नहीं आएगा कि यह क्याक लिखा है हमने उनकी भाषा का उपयोग कर उनको ही मात दे दी अर्थात वह यह जानते हुए की यह शब्दा अग्रेजी में लिखे है, वह उसे नही समझ सकता है और नही पढ सकता है यहस तो सिर्फ हिन्दुहस्ताअनी ही पढ और समरझ सकते है इतना ज्ञान तो भारतवासियों में ही हो सकता है इसिलिए कहते है दौसतो इज द बेस्टज इंडिया इज द बेस्टह अब हमने (इज द बेस्टे अग्रेजी शब्द होने के बावजूद हिन्दी में लिख दिया) और अग्रेजी पर मेड इन इंडिया का ठप्पा लगा कर उसे हिन्दी बना दिया