Wednesday, February 11, 2009
विकंलाग लोगों के लिये होगा कम्प्यूटर आपरेट करना आसान
अपंग और शारीरिक विकलांगता से जूझ रहे किसी भी व्यक्ति के लिए अपना कम्प्यूटर ऑपरेटर करना मुश्किलों भरा होता है. अपंग, बुजुर्ग और लकवे की शिकायत से ग्रस्त व्यक्ति कम्प्यूटर का इस्तेमाल काफी मुश्किल से कर पाते हैं.
अब अमरीका की वाशिंगटन विश्वविद्यालय के संशाधकों ने ऐसे लोगों की सहायता स्वरूप एक सॉफ्टवेर बनाया है. यह सॉफ्टवेर इतना सक्षम है कि पूर्णत: सक्षम प्रयोक्ता और शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेट कर सकने की क्षमता के दायरे को 60% तक कम कर देता है.
सपल नामक यह प्रोग्राम शुरू किए जाने के बाद एक बार चलने वाला एक टेस्ट लेता है. इसमें प्रयोक्ता को किसी पूर्व निर्धारित कार्य को करना होता है. यह सोफ्टवेर प्रयोक्ता द्वारा माउस को हिलाने की क्षमता और गति तथा उसके द्वारा सही जगह पर क्लिक किए जाने की क्षमता को नोट करता है.
इसके बाद यह सिस्टम का वातावरण प्रयोक्ता के टेस्ट नतीजों के हिसाब से ढाल देता है. उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति को माउस हिलाने मे दिक्कत होती हो तो वह माउस की गति कम कर देता है. तथा यदि किसी प्रयोक्ता को आइकोन पर क्लिक करने में दिक्कत आ रही हो तो वह आइकोन बडा कर देता है.
संशोधक अपने इस सॉफ़्टवेर का नतीजों से काफी खुश हैं.
अब अमरीका की वाशिंगटन विश्वविद्यालय के संशाधकों ने ऐसे लोगों की सहायता स्वरूप एक सॉफ्टवेर बनाया है. यह सॉफ्टवेर इतना सक्षम है कि पूर्णत: सक्षम प्रयोक्ता और शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति द्वारा कम्प्यूटर ऑपरेट कर सकने की क्षमता के दायरे को 60% तक कम कर देता है.
सपल नामक यह प्रोग्राम शुरू किए जाने के बाद एक बार चलने वाला एक टेस्ट लेता है. इसमें प्रयोक्ता को किसी पूर्व निर्धारित कार्य को करना होता है. यह सोफ्टवेर प्रयोक्ता द्वारा माउस को हिलाने की क्षमता और गति तथा उसके द्वारा सही जगह पर क्लिक किए जाने की क्षमता को नोट करता है.
इसके बाद यह सिस्टम का वातावरण प्रयोक्ता के टेस्ट नतीजों के हिसाब से ढाल देता है. उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति को माउस हिलाने मे दिक्कत होती हो तो वह माउस की गति कम कर देता है. तथा यदि किसी प्रयोक्ता को आइकोन पर क्लिक करने में दिक्कत आ रही हो तो वह आइकोन बडा कर देता है.
संशोधक अपने इस सॉफ़्टवेर का नतीजों से काफी खुश हैं.
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बात ग्रहों पर जीवन की
जिस ग्रह पर जीवन होने की सबसे अधिक उम्मीद थी उस मंगल ग्रह पर जीवन ना होने के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन वैज्ञानिकों मानना है कि मंगल ही अंतिम आशा नहीं है.
हमारी आकाशगंगा में कम से कम 37964 ग्रह ऐसे और हैं जहाँ जीवन पनप सकता है. यानी जहाँ पृथ्वीन की तरह लोग जीवनयापन कर सकते हैं.
एस्ट्रोफिजिसिस्ट डंकन फोर्गन के कम्प्यूटर प्रोग्राम के द्वारा यह पता लगाया जा सकता कि किसी ग्रह पर जीवन की कितनी सम्भावनाएँ हो सकती हैं. ये अनुमान ग्रहों के तापमान, और वहाँ मौजूद पानी और खनिजों की उपलब्धता पर निर्भर करता है.
ऐसे ग्रहों को तीन श्रेणियों मे बाँटा गया है. पहली श्रेणी उन ग्रहों कि जहाँ जीवन की उत्पति कठीन है. ऐसे ग्रहों की संख्यार कम से कम 361 है. दूसरी श्रेणी ऐसे ग्रहों की जिन पर जीवन का पैदा होना सरल हो सकता है, लेकिन जीवन के विकसित होने में कठिनाई हो सकती है. ऐसे ग्रहों की संख्या 31513 है. तीसरी श्रेणी ऐसे ग्रहों की जहाँ जीवन सम्भव है और जहाँ जाकर रहा जा सकता है. ऐसे ग्रहों की संख्या 38 हजार तक हो सकती है.
लेकिन ये ग्रह इतने दूर हैं कि यदि यहाँ कोई सभ्यता विकसित भी हुई हो तो उनसे सम्पर्क करने में सैंकडो वर्ष लग जाएंगे.
हमारी आकाशगंगा में कम से कम 37964 ग्रह ऐसे और हैं जहाँ जीवन पनप सकता है. यानी जहाँ पृथ्वीन की तरह लोग जीवनयापन कर सकते हैं.
एस्ट्रोफिजिसिस्ट डंकन फोर्गन के कम्प्यूटर प्रोग्राम के द्वारा यह पता लगाया जा सकता कि किसी ग्रह पर जीवन की कितनी सम्भावनाएँ हो सकती हैं. ये अनुमान ग्रहों के तापमान, और वहाँ मौजूद पानी और खनिजों की उपलब्धता पर निर्भर करता है.
ऐसे ग्रहों को तीन श्रेणियों मे बाँटा गया है. पहली श्रेणी उन ग्रहों कि जहाँ जीवन की उत्पति कठीन है. ऐसे ग्रहों की संख्यार कम से कम 361 है. दूसरी श्रेणी ऐसे ग्रहों की जिन पर जीवन का पैदा होना सरल हो सकता है, लेकिन जीवन के विकसित होने में कठिनाई हो सकती है. ऐसे ग्रहों की संख्या 31513 है. तीसरी श्रेणी ऐसे ग्रहों की जहाँ जीवन सम्भव है और जहाँ जाकर रहा जा सकता है. ऐसे ग्रहों की संख्या 38 हजार तक हो सकती है.
लेकिन ये ग्रह इतने दूर हैं कि यदि यहाँ कोई सभ्यता विकसित भी हुई हो तो उनसे सम्पर्क करने में सैंकडो वर्ष लग जाएंगे.
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सुडोकू से लेटेस्टन गेम
"केन-केन" एक नया खेल है जो तेजी से लोकप्रिय हो रहा है! लगभग उतनी ही तेजी से जितनी तेजी से सुडोकु लोकप्रिय हुआ था, और मजे की बात यह भी है कि ये दोनों ही खेल जापानी हैं.
अमेरिकी अखबार द न्यूयार्क टाइम्स ने 8 फरवरी से सुडोकु की जगह केन-केन को प्रकाशित करना शुरू किया है [पाठक सुडोकु से बोर हो गए हैं].
केन-केन क्या है?
केन-केन भी सुडोकु की तरह ही आँकडों पर आधारित खेल है. इस पहेलीनुमा खेल का आविष्कार जापान के प्रसिद्ध गणितज्ञ तेतसुया मियामोटो ने किया है. ऐसा माना जा रहा है कि केन-केन पहेलियों से भरी उनकी एक किताब की करीब 10 लाख प्रतियाँ अब तक बिक चुकी है. और अब दुनिया भर के समाचार पत्र इस खेल को छापना शुरू कर रहे हैं.
कैसे खेला जाता है केन-केन:
केन-केन थोडा बहुत सुडोकु जैसा ही है, परंतु यह मुख्यत: गणनाओं पर भी आधारित होता है. इसमें भी सुडोकु की तरह वर्गों का समूह होता है. यह समूह 3 वर्ग अथवा 9 वर्ग के हो सकते हैं.
एक कोलम अथवा एक रॉ में कोई भी अंक एक बार से अधिक नहीं लिखा जा सकता है [सुडोकु की ही तरह]. इस पहेली में कुछ वर्गों को मिलाकर एक पिंजरा बनाया जाता है और उस पिंजरे में "क्लू" के रूप में गणित का एक हल दिया जाता है. खिलाडी को उसे समझकर उस हिसाब से आँकडे भरने होते हैं.
उदाहरण के लिए मान लीजिए दो रिक्त वर्गों को मिलाकर एक पिंजरा बनाया गया, और क्लू के रूप में 11+ लिखा गया, तो इसका मतलब यह हुआ कि उन दो वर्गों में ऐसे अंक आएंगे जिनकी जोड 11 होगी. जाहिर है ऐसे दो अंक 5 और 6 है.
इसी तरह से जोड, गुणा, भाग, घटाव आदि के प्रश्न पूछे जा सकते हैं.
केन-केन एक बेहद मजेदार खेल है, और सुडोकु के बाद दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
खेलिए केन-केन:
अमेरिकी अखबार द न्यूयार्क टाइम्स ने 8 फरवरी से सुडोकु की जगह केन-केन को प्रकाशित करना शुरू किया है [पाठक सुडोकु से बोर हो गए हैं].
केन-केन क्या है?
केन-केन भी सुडोकु की तरह ही आँकडों पर आधारित खेल है. इस पहेलीनुमा खेल का आविष्कार जापान के प्रसिद्ध गणितज्ञ तेतसुया मियामोटो ने किया है. ऐसा माना जा रहा है कि केन-केन पहेलियों से भरी उनकी एक किताब की करीब 10 लाख प्रतियाँ अब तक बिक चुकी है. और अब दुनिया भर के समाचार पत्र इस खेल को छापना शुरू कर रहे हैं.
कैसे खेला जाता है केन-केन:
केन-केन थोडा बहुत सुडोकु जैसा ही है, परंतु यह मुख्यत: गणनाओं पर भी आधारित होता है. इसमें भी सुडोकु की तरह वर्गों का समूह होता है. यह समूह 3 वर्ग अथवा 9 वर्ग के हो सकते हैं.
एक कोलम अथवा एक रॉ में कोई भी अंक एक बार से अधिक नहीं लिखा जा सकता है [सुडोकु की ही तरह]. इस पहेली में कुछ वर्गों को मिलाकर एक पिंजरा बनाया जाता है और उस पिंजरे में "क्लू" के रूप में गणित का एक हल दिया जाता है. खिलाडी को उसे समझकर उस हिसाब से आँकडे भरने होते हैं.
उदाहरण के लिए मान लीजिए दो रिक्त वर्गों को मिलाकर एक पिंजरा बनाया गया, और क्लू के रूप में 11+ लिखा गया, तो इसका मतलब यह हुआ कि उन दो वर्गों में ऐसे अंक आएंगे जिनकी जोड 11 होगी. जाहिर है ऐसे दो अंक 5 और 6 है.
इसी तरह से जोड, गुणा, भाग, घटाव आदि के प्रश्न पूछे जा सकते हैं.
केन-केन एक बेहद मजेदार खेल है, और सुडोकु के बाद दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
खेलिए केन-केन:
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ग्रीटिंग कार्ड भेजें विडियों में
जन्मदिन, वर्षगांठ, और त्यौहार आदि पर हम सब ईकार्ड भेजते हैं, जो अमूमन चित्र अथवा फ्लेश में बने एनिमेशन होते हैं.
लेकिन एक ऐसी साइट भी है जहाँ से आप वीडियो ईकार्ड भी भेज सकते हैं. इस साइट पर विभिन्न त्यौहारों और आयोजनों से सम्बंधित ढेरों ईकार्ड हैं.
हर ईकार्ड एक छोटी वीडियो क्लिप होता है, प्रयोक्ता उसमें अपना निजि संदेश, चित्र आदि अपलोड कर सकता है. एक काम की साइट.
लेकिन एक ऐसी साइट भी है जहाँ से आप वीडियो ईकार्ड भी भेज सकते हैं. इस साइट पर विभिन्न त्यौहारों और आयोजनों से सम्बंधित ढेरों ईकार्ड हैं.
हर ईकार्ड एक छोटी वीडियो क्लिप होता है, प्रयोक्ता उसमें अपना निजि संदेश, चित्र आदि अपलोड कर सकता है. एक काम की साइट.
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गूगल का क्रोम बहुत फायदेमंद
1. गूगल क्रोम के माध्यम से आप वेबसाइटों के भी शोर्टकट आइकन बना सकते हैं. बस अपनी वांछित साइट खोलिए और पेज कंट्रोल मेनु मे से Create application shortcuts... पसन्द करिए.
2. गुप्त रूप से ब्राउज़िंग करने के लिए Control + Shift + N दबाइए और 'incognito' window खोलिए. यहाँ ब्राउज की गई साइटों की कूकिज और हिस्ट्री इत्यादि सुरक्षित नहीं रहती है.
3. यदि आपने गलती से कोई टेब बन्द कर दी है तो उसे पुन: खोलने के लिए Control + Shift + T दबाइए. आप यह क्रम 10 बार दोहरा भी सकते हैं.
4. एक टेब से दूसरी टेब पर जाने के लिए Control + 1, Control + 2, Control + 3 भी इस्तेमाल किया जा सकता. Control + 9 अंतिम टेब खोलेगा.
5. किसी भी लिंक को किसी टेब पर ले जाकर छोडने से वह लिंक उस टेब में खुल जाती है. यदि लिंक को दो टेबों के बीच ले जाकर छोडा जाए तो वह लिंक नई टेब में खुलती है.
6. बेक बटन पर राइट क्लिक करिए अथवा लेफ्ट की दबा कर रखिए तो पुराने पन्नों की लिंक दिखाई देगी.
7. हिस्ट्री पन्ने पर (Control + H) जाकर आप किसी खास दिन पर ब्राउज किए गए पन्ने भी मिटा सकते हैं. बस उस तिथि के आगे स्थित Delete history for this day दबाइए.
8. एड्रेस बार पर क्लिक कर Control + K अथवा Control + E दबाकर रखिए. एक “?” का चिह्न आएगा. अब आप जो भी लिखेंगे वह गूगल में सर्च होगा.
9. इंटॉल किए गए प्लग इन के बारे में जानने के लिए about:plugins दबाएँ.
10. और अंत में... एड्रेस बार में लिखें - about:internets और मजा उठाएँ. (सिर्फ Windows XP के लिए)
2. गुप्त रूप से ब्राउज़िंग करने के लिए Control + Shift + N दबाइए और 'incognito' window खोलिए. यहाँ ब्राउज की गई साइटों की कूकिज और हिस्ट्री इत्यादि सुरक्षित नहीं रहती है.
3. यदि आपने गलती से कोई टेब बन्द कर दी है तो उसे पुन: खोलने के लिए Control + Shift + T दबाइए. आप यह क्रम 10 बार दोहरा भी सकते हैं.
4. एक टेब से दूसरी टेब पर जाने के लिए Control + 1, Control + 2, Control + 3 भी इस्तेमाल किया जा सकता. Control + 9 अंतिम टेब खोलेगा.
5. किसी भी लिंक को किसी टेब पर ले जाकर छोडने से वह लिंक उस टेब में खुल जाती है. यदि लिंक को दो टेबों के बीच ले जाकर छोडा जाए तो वह लिंक नई टेब में खुलती है.
6. बेक बटन पर राइट क्लिक करिए अथवा लेफ्ट की दबा कर रखिए तो पुराने पन्नों की लिंक दिखाई देगी.
7. हिस्ट्री पन्ने पर (Control + H) जाकर आप किसी खास दिन पर ब्राउज किए गए पन्ने भी मिटा सकते हैं. बस उस तिथि के आगे स्थित Delete history for this day दबाइए.
8. एड्रेस बार पर क्लिक कर Control + K अथवा Control + E दबाकर रखिए. एक “?” का चिह्न आएगा. अब आप जो भी लिखेंगे वह गूगल में सर्च होगा.
9. इंटॉल किए गए प्लग इन के बारे में जानने के लिए about:plugins दबाएँ.
10. और अंत में... एड्रेस बार में लिखें - about:internets और मजा उठाएँ. (सिर्फ Windows XP के लिए)
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छोटी - छोटी मगर मोटी बातें 1
जीमेल ने अपने लेब में एक और फीचर जोडा है जो बेहद काम का है. यह फीचर है – मल्टिपल इनबॉक्स. यह फीचर प्रयोक्ता को एक ही स्क्रीन पर कई सारे इनबॉक्स दिखाता है. इससे प्रयोक्ता एक ही बार में कई सारे ईमेल देख पाता है.
इसका फायदा:
मान लीजिए आपने कई सारे लेबल और फिल्टर बना रखे हैं. अब आपको जब भी किसी विशेष फिल्टर वाले मेल देखने हों तो आपको उसका लेबल क्लिक करना पडता है. लेकिन इस फीचर के द्वारा आप कई सारे लेबल वाले ईमेल एक ही बार में देख सकते हैं. इससे समय की बचत होती है.
गूगल ने सॉफ्टवेर इंजीनियर ऑक्टेवीयन “वीवी” लिखते हैं – “मैं फिल्टर और लेबल का बहुत प्रयोग करता हुँ. मेरे कई सारे ईमेल सीधे फिल्टर होकर लेबल में चले जाते हैं. लेकिन फिर मुझे नए मेल देखने के लिए सभी लेबलों को एक एक कर क्लिक करना पडता था. लेकिन मैं इस झंझट से मुक्त होना चाहता था. और इस तरह बना यह फीचर – मल्टिपल इनबॉक्स.
इसका फायदा:
मान लीजिए आपने कई सारे लेबल और फिल्टर बना रखे हैं. अब आपको जब भी किसी विशेष फिल्टर वाले मेल देखने हों तो आपको उसका लेबल क्लिक करना पडता है. लेकिन इस फीचर के द्वारा आप कई सारे लेबल वाले ईमेल एक ही बार में देख सकते हैं. इससे समय की बचत होती है.
गूगल ने सॉफ्टवेर इंजीनियर ऑक्टेवीयन “वीवी” लिखते हैं – “मैं फिल्टर और लेबल का बहुत प्रयोग करता हुँ. मेरे कई सारे ईमेल सीधे फिल्टर होकर लेबल में चले जाते हैं. लेकिन फिर मुझे नए मेल देखने के लिए सभी लेबलों को एक एक कर क्लिक करना पडता था. लेकिन मैं इस झंझट से मुक्त होना चाहता था. और इस तरह बना यह फीचर – मल्टिपल इनबॉक्स.
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